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Geeta Wisdom: Gyan and Wisdom Daily

by Sukru
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Latest episodes

  • 🎙️ Episode 31– Shrimad Bhagavad Gita Chapter 1, Verses 36–37

    December 13, 2025 · 2 min

    श्लोक (Sanskrit): निहत्य धार्तराष्ट्रान्नः का प्रीतिः स्याज्जनार्दन। पापमेवाश्रयेदस्मान्हत्वैतानाततायिनः॥३६॥ तस्मान्नार्हा वयं हन्तुं धार्तराष्ट्रान्स्वबान्धवान्। स्वजनं हि कथं हत्वा सुखिनः स्याम माधव॥३७॥ --- भावार्थ (Hindi): अर्जुन…

  • 🎙️ Episode 30– Shrimad Bhagavad Gita Chapter 1, Verses 34–35

    December 12, 2025 · 3 min

    श्लोक (Sanskrit): आचार्याः पितरः पुत्रास्तथैव च पितामहाः। मातुलाः श्रशुराः पौत्राः श्यालाः सम्बन्धिनस्तथा॥३४॥ एतान्न हन्तुमिच्छामि घ्नतोऽपि मधुसूदन। अपि त्रैलोक्यराज्यस्य हेतोः किं नु महीकृते॥३५॥ --- भावार्थ (Hindi): अर्जुन ने कहा…

  • 🎙️ Episode 29– Shrimad Bhagavad Gita Chapter 1, Verses 32–33

    December 11, 2025 · 2 min

    श्लोक (Sanskrit): न काङ्क्षे विजयं कृष्ण न च राज्यं सुखानि च। किं नो राज्येन गोविन्द किं भोगैर्जीवितेन वा॥३२॥ येषामर्थे काङ्क्षितं नो राज्यं भोगाः सुखानि च। ते इमेऽवस्थिता युद्धे प्राणांस्त्यक्त्वा धनानि च॥३३॥ ✍🏼 @ssvenusx@gmail.com

  • 🎙️ Episode 28 – Shrimad Bhagavad Gita, Chapter 1, Verses 29–31

    October 31, 2025 · 3 min

    श्लोक (Sanskrit): वेपथुश्च शरीरे मे रोमहर्षश्च जायते। गाण्डीवं स्रंसते हस्तात्त्वक्चैव परिदह्यते॥२९॥ न च शक्नोम्यवस्थातुं भ्रमतीव च मे मनः। निमित्तानि च पश्यामि विपरीतानि केशव॥३०॥ निमित्तानि च पश्यामि विपरीतानि केशव। न च श्रेयोऽनुपश्यामि…

  • 🎙️ Episode 27 – Shrimad Bhagavad Gita, Chapter 1, Verse 28

    October 14, 2025 · 2 min

    श्लोक (Sanskrit): अर्जुन उवाच — दृष्ट्वेमं स्वजनं कृष्ण युयुत्सुं समुपस्थितम्। सीदन्ति मम गात्राणि मुखं च परिशुष्यति॥२८॥ भावार्थ (Hindi): अर्जुन ने कहा — हे कृष्ण! अपने स्वजनों को युद्ध की इच्छा से यहाँ उपस्थित देखकर मेरे अंग शिथिल हो रहे…

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  • 🎙️ Episode 26 – Shrimad Bhagavad Gita, Chapter 1, Verse 27

    October 14, 2025 · 1 min

    श्लोक (Sanskrit): तान्समीक्ष्य स कौन्तेयः सर्वान्बन्धूनवस्थितान्। कृपया परयाऽऽविष्टो विषीदन्निदमब्रवीत्॥२७॥ भावार्थ (Hindi): अपने सभी बंधु-बांधवों को सामने खड़ा देखकर कुन्तीपुत्र अर्जुन अत्यंत करुणा से भर गए और दुखी होकर बोले। Meaning…

  • 🎙️ Episode 25 – Shrimad Bhagavad Gita, Chapter 1, Verse 26

    October 12, 2025 · 2 min

    श्लोक (Sanskrit): तत्रापश्यत्स्थितान्पार्थः पितॄनथ पितामहान्। आचार्यान्मातुलान्भ्रातृन्पुत्रान्पौत्रान्सखींस्तथा॥ श्वशुरान्सुहृदश्चैव सेनयोर्भययोः स्थितान्॥२६॥ भावार्थ (Hindi): वहाँ पार्थ (अर्जुन) ने दोनों सेनाओं में खड़े हुए अपने पितरों…

  • 🎙️ Episode 24 – Shrimad Bhagavad Gita, Chapter 1, Verse 25

    October 5, 2025 · 2 min

    श्लोक (Sanskrit): भीष्मद्रोणप्रमुखतः सर्वेषां च महीक्षिताम्। उवाच पार्थ पश्यैतान्समवेतान्कुरूनिति ॥२५॥ भावार्थ (Hindi): संजय बोले — श्रीकृष्ण ने भीष्म, द्रोण और अन्य प्रमुख राजाओं के सामने रथ को खड़ा करके कहा — “हे पार्थ! इन एकत्र हुए…

  • Episode 23 – Shrimad Bhagavad Gita, Chapter 1, Verse 24

    September 25, 2025 · 1 min

    श्लोक (Sanskrit): एवमुक्तो हृषीकेशो गुडाकेशेन भारत। सेनयोर्भययोर्मध्ये स्थापयित्वा रथोत्तमम् ॥२४॥ भावार्थ (Hindi): संजय बोले — हे भारत! निद्राओं पर विजय प्राप्त करने वाले गुडाकेश (अर्जुन) द्वारा इस प्रकार कहे जाने पर हृषीकेश (श्रीकृष्ण)…

  • Episode 22 – Shrimad Bhagavad Gita, Chapter 1, Verse 23

    September 25, 2025 · 2 min

    श्लोक (Sanskrit): योत्स्यमानानवेक्षेऽहं य एतेऽत्र समागताः। धार्तराष्ट्रस्य दुर्बुद्धेर्युद्धे प्रियचिकीर्षवः ॥२३॥ भावार्थ (Hindi): अर्जुन ने कहा — मैं उन लोगों को देखना चाहता हूँ जो दुरबुद्धि दुर्योधन के लिए यहाँ युद्ध करने की इच्छा से आए…

  • Episode 21 – Shrimad Bhagavad Gita, Chapter 1, Verses 21–22

    September 23, 2025 · 2 min

    श्लोक (Sanskrit): अर्जुन उवाच — सेनयोरुभयोर्मध्ये रथं स्थापय मेऽच्युत ॥२१॥ यावदेतान्निरीक्षेऽहं योद्धुकामानवस्थितान्। कैर्मया सह योद्धव्यमस्मिन् रणसमुद्यमे ॥२२॥ भावार्थ (Hindi): अर्जुन ने कहा — हे अच्युत! मेरा रथ दोनों सेनाओं के बीच में…

  • Episode 20 – Shrimad Bhagavad Gita, Chapter 1, Verse 20

    September 21, 2025 · 2 min

    श्लोक (Sanskrit): अथ व्यवस्थितान्दृष्ट्वा धार्तराष्ट्रान् कपिध्वजः। प्रवृत्ते शस्त्रसम्पाते धनुरुद्यम्य पाण्डवः ॥२०॥ भावार्थ (Hindi): तब कपिध्वज अर्जुन ने, जब देखा कि धृतराष्ट्र के पुत्र युद्ध के लिए व्यवस्थित खड़े हैं और युद्धारम्भ होने…

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About the show

Join us daily as we explore one shloka from the Bhagavad Gita. Each episode will provide the original verse, its meaning in both Hindi and English, and a practical message for daily life. Whether you're looking for spiritual wisdom or guidance for everyday challenges, this podcast will offer you a moment of reflection and insight each day. ✉️ ssvenusx@gmail.com