Recently ranked · United States
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Ranking history · United States
Latest episodes
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Bhagavad Gita 5.23
May 22, 2023 · 1 hr 13 minBhagavad Gita Chapter 5 Verse 23 अध्याय 5 : कर्मयोग - कृष्णभावनाभावित कर्म श्लोक 5 . 23 शक्नोतीहैव यः सोढुं प्राक्शरीरविमोक्षणात् | कामक्रोधद्भवं वेगं स युक्तः स सुखी नरः || २३ || शक्नोति – समर्थ है; इह एव – इसी शरीर में; यः – जो…
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Bhagavad Gita 5.22
May 22, 2023 · 1 hr 11 minBhagavad Gita Chapter 5 Verse 22 अध्याय 5 : कर्मयोग - कृष्णभावनाभावित कर्म श्लोक 5 . 22 ये हि संस्पर्शजा भोगा दु:खयोनय एव ते | आद्यन्तवन्तः कौन्तेय न तेषु रमते बुधः || २२ || ये – जो; हि – निश्चय हि; संस्पर्श-जा – भौतिक इन्द्रियों के…
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Bhagavad Gita 5.21
May 22, 2023 · 1 hr 15 minBhagavad Gita Chapter 5 Verse 21 अध्याय 5 : कर्मयोग - कृष्णभावनाभावित कर्म श्लोक 5 . 21 बाह्यस्पर्शेष्वसक्तात्मा विन्दत्यात्मनि यत्सुखम् | स ब्रह्मयोगयुक्तात्मा सुखमक्षयमश्र्नुते || २१ || बाह्य-स्पर्शेषु – बाह्य इन्द्रिय सुख में…
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Bhagavad Gita 5.20
May 22, 2023 · 54 minBhagavad Gita Chapter 5 Verse 20 अध्याय 5 : कर्मयोग - कृष्णभावनाभावित कर्म श्लोक 5 . 20 न प्रहृष्येत्प्रियं प्राप्य नोद्विजेत्प्राप्य चाप्रियम् | स्थिरबुद्धिरसम्मूढो ब्रह्मविद्ब्रह्मणि स्थितः || २० || न – कभी नहीं; प्रह्रष्ये – हर्षित…
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Bhagavad Gita 5.12
January 17, 2023 · 1 hr 4 minBhagavad Gita Chapter 5 Verse 12 अध्याय 5 : कर्मयोग - कृष्णभावनाभावित कर्म श्लोक 5 . 12 युक्तः कर्मफलं त्यक्त्वा शान्तिमाप्नोति नैष्ठिकीम् | अयुक्तः कामकारेण फले सक्तो निबध्यते || १२ || युक्तः – भक्ति में लगा हुआ; कर्म-फलम् – समस्त…
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Bhagavad Gita 5.11
January 12, 2023 · 1 hr 15 minBhagavad Gita Chapter 5 Verse 11 अध्याय 5 : कर्मयोग - कृष्णभावनाभावित कर्म श्लोक 5 . 11 कायेन मनसा बुद्ध्या केवलैरिन्द्रियैरपि | योगिनः कर्म कुर्वन्ति सङ्गं त्यक्त्वात्मश्रुद्धये || ११ || कायेन – शरीर से; मनसा – मन से; बद्धया – बुद्धि…
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Bhagavad Gita 5.8-9
December 27, 2022 · 1 hr 11 minBhagavad Gita Chapter 5 Verse 8-9 अध्याय 5 : कर्मयोग - कृष्णभावनाभावित कर्म श्लोक 5 . 8-9 नैव किञ्चित्करोमीति युक्तो मन्येत तत्त्ववित् | पश्यञ्शृण्वन्स्पृशञ्जिघ्रन्नश्र्नन्गच्छन्स्वपन्श्र्वसन् || ८ || प्रलपन्विसृजन्गृ…
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Bhagavad Gita 5.7
December 19, 2022 · 1 hr 13 minBhagavad Gita Chapter 5 Verse 7 अध्याय 5 : कर्मयोग - कृष्णभावनाभावित कर्म श्लोक 5 . 7 योगयुक्तो विश्रुद्धात्मा विजितात्मा जितेन्द्रियः | सर्वभूतात्मभूतात्मा कुर्वन्नपि न लिप्यते || ७ || योग-युक्तः – भक्ति में लगे हुए; विशुद्ध-आत्मा…
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Bhagavad Gita 5.6
December 10, 2022 · 1 hr 6 minBhagavad Gita 5.6 in Hindi अध्याय 5 : कर्मयोग - कृष्णभावनाभावित कर्म श्लोक 5 . 6 संन्यासस्तु महाबाहो दु:खमाप्तुमयोगतः | योगयुक्तो मुनिर्ब्रह्म नचिरेणाधिगच्छति || ६ || संन्यासः – संन्यास आश्रम; तु – लेकिन; महाबाहो – हे बलिष्ठ भुजाओं…

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