Geeta Saar (Hindi)
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Ranking history · United States
Latest episodes
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गीता सार – अध्याय 18
February 14, 2023 · 14 minमोक्षसंन्यासयोग इस अध्याय में भगवान कृष्ण अर्जुन को मोक्ष प्राप्ति के मार्ग के बारे में बताते हैं। वे कहते हैं कि मोक्ष प्राप्ति के लिए सब चीजों का मोह त्याग कर मनुष्य को पूरी तरह से ईश्वर को समर्पित हो जाना चाहिए। अपने जीवन के हर कर्म को…
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गीता सार – अध्याय 17
February 14, 2023 · 7 minश्रद्धात्रयविभागयोग अर्जुन ने पूछा – जो लोग वेद -पुराणों से अलग, अपनी मर्जी से भक्ति करना चाहते हैं उन्हें क्या करना चाहिए। श्री कृष्ण कहते हैं – उन्हें ॐ तत सत का पालन करना चाहिए। ॐ का मतलब है ईश्वर , तत का मतलब है मोहमाया से दूर रहना, सत…
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गीता सार – अध्याय 16
February 14, 2023 · 6 minदैवासुरसम्पद्विभागयोग मनुष्यों में दो तरह की प्रवृति पायी जाती है : देव व् दानव। देव वृत्ति वालों में बहुत से अच्छे गुण होते हैं। जैसे सेवा भाव, संयम, सच्चाई, ईमानदारी, स्वच्छत्ता, शांति, आदि। ये मोक्ष के पात्र होते हैं। इसके विपरीत दानव…
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गीता सार – अध्याय 15
February 14, 2023 · 7 minपुरुषोत्तमयोग वेदों के सारे ज्ञान का यही निचोड़ है कि मनुष्य को मोह -माया का त्याग कर खुद को ईश्वर के चरणों में समर्पित कर देना चाहिए। यही सबसे बड़ा योग है। मोह -माया के कारण मनुष्य ईश्वर को प्राप्त नहीं कर पाता है। क्युँकि उसका मन, धन व…
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गीता सार – अध्याय 14
February 14, 2023 · 6 minगुणत्रयविभागयोग इस अध्याय में श्री कृष्ण ने तीन गुणों के बारे में बताया है। ये तीन गुण हैं – सात्विक, तामसिक और राजस्विक। सात्विक लोग शाकाहारी भोजन करते हैं, सादे वस्त्र धारण करते हैं , बातों से मृदुल होते हैं व् ईश्वर की भक्ति करते हैं।…
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गीता सार – अध्याय 13
February 14, 2023 · 7 minक्षेत्र-क्षेत्रज्ञविभागयोग जो व्यक्ति शरीर, आत्मा, परमात्मा और ज्ञान के रहस्यों को समझ जाता है वह इस संसार के बंधनों से मुक्त हो जाता है। आत्मा में ही परमात्मा का वास होता है। क्युँकि वह उसकी का भाग है। लेकिन अज्ञानवश मनुष्य उसे समझ नहीं…
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गीता सार – अध्याय 12
February 14, 2023 · 5 minभक्तियोग श्री कृष्ण कहते हैं कि सबसे बड़ा योग भक्ति योग ही है। यदि कोई बड़े -बड़े वेद -पुराण नहीं पढ़ सकता, यज्ञ -हवन- तप आदि नहीं कर सकता तो उसे भक्ति योग का सहारा लेना चाहिए। मनुष्य को ईश्वर के प्रेम में लीन होकर उसकी भक्ति करनी चाहिए। उसके…
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गीता सार – अध्याय 11
February 14, 2023 · 15 minविश्वरूपदर्शनयोग – Geeta Summary in Hindi इस अध्याय में श्री कृष्ण अर्जुन को अपने विराट रूप के दर्शन करवाते हैं। अर्जुन देखता है कि उनका स्वरुप तीनों लोकों में फैला हुआ है। समस्त ब्रह्माण्ड में उनकी ही छवि है। उनके चार हाथ हैं। और असंख्य…
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गीता सार – अध्याय 10
February 14, 2023 · 9 minविभूतियोग इस संसार में जो भी अच्छे -बुरे गुण हैं जैसे – ज्ञान, सुंदरता , शक्ति, डर, साहस, हिंसा, आदि उन सबका निर्माण श्री कृष्ण ने ही किया है। जो लोग कृष्ण पर विश्वास रखते हैं वे अच्छे गुणों को प्राप्त करते हैं। और जो ऐसा नहीं करते हैं वे…
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गीता सार – अध्याय 09
February 14, 2023 · 8 minराजविद्याराजगुह्ययोग इस अध्याय में श्री कृष्ण बताते हैं कि सबसे बड़ा राज यही है कि – कृष्ण ही ईश्वर हैं। उन्होंने ही सृष्टि का निर्माण किया है। वे ही कण -कण में विद्ध्यमान हैं। उन्हें समझ पाना मनुष्य के वश में नहीं है। लेकिन उनकी भक्ति से…
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गीता सार – अध्याय 08
February 14, 2023 · 7 minअक्षरब्रह्मयोग – Geeta Summary in Hindi इस अध्याय में श्री कृष्ण, अर्जुन को ब्रह्म और आत्मा आदि के बारे में बताते हैं। कृष्ण कहते हैं कि अहम ब्रह्मास्मि। अर्थात मैं ही ब्रह्मा है। और चूँकि मनुष्य की आत्मा भी ईश्वर का ही भाग है इसलिए मनुष्य…
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गीता सार – अध्याय 07
February 14, 2023 · 8 minज्ञानविज्ञानयोग श्री कृष्ण कहते हैं कि ब्रह्माण्ड की हर चीज उनकी ही बनायी हुई है। हर चीज में वे विद्धमान हैं। सूर्य, धरती, ग्रह , नक्षत्र, तारामंडल, ज्ञान , विज्ञान, इन्द्रियां, सुख -दुःख, पाप -पुण्य आदि सब उनके बनाये हुए हैं। जो मनुष्य इस…